Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Blogger में Blog या website बनाने के बाद क्या करें – What to do after creating a blog or website in Blogger

Blogger में Blog या website बनाने के बाद क्या करें What to do after creating a blog or website in Blogger

 

Blogger में Blog या website बनाने के बाद क्या करें – What to do after creating a blog or website in Blogger? नमस्कार दोस्तों! मैं प्रदीप कुमार इस ब्लॉग पर स्वागत करता हूँ जब भी कोई user blogger पर अपना नया ब्लॉग बनाता है तो उसे सभी blogger setting के बारे में नहीं पता है| यदि आप एक नए blogger है और अपना blog या website blogger पर बनाये हैं तो ये पोस्ट आपके लिए बहुत ही लाभदायक होगी। क्योकि इस पोस्ट में बताउंगा की blogger पर blog बनाने के बाद क्या करे? (blogger par blog banane ke baad kya kare)?

 

Blogger पर blog website बनाने के बाद क्या करे (blog website banane ke baad kya kare):

blogger platform  googal की ही सर्विस है जिसे use  करना बहुत ही आसान है। जैसा की आप जानते हैं की blogger platform फ्री service provide करता है यदि आप नहीं जानते है कि blogger platform free है तो आप जान लीजिए की blogger platform बिलकुल free है।  इसीलिए सभी नए blogger अपना ब्लॉग blogger platform पर ही बनाते हैं ताकि blogging के बारे में कुछ जान सकें और यह बहुत ही आसान platform है। blogger platform Google की service है और Google यह चाहता है की user आसानी से हमारे इस platform को use कर सकें| अगर आपने अपना ब्लॉग या website बना लिया है तो आप सोच रहें होंगे की blogger में अपरे ब्‍लॉग के लिए क्या setting करे तो मै आपको बताएँगे की ब्लॉग बनाने के बाद क्या-क्‍या setting करना है (blog banane ke baad kya kare).

 

Blogger पर ब्लॉग या website बनाने के बाद सबसे पहले एक अच्‍छी सी Theme का चयन करें जो की responsive, mobile friendly हो| आपको internet पर ऐसे बहुत सारे theme free में मिल जायेंगे जो की responsive, mobile friendly, और fast loading होती है|Theme का चयन करने के बाद उस Theme को डाउनलोड कर ले तथा उसकी XML file को Blogger के Theme  मे जाकर Edit सेक्‍सन में जाकर पुराने Theme का कोड हटा दे और डाउनलोड की गई XML file को Uplode कर दे इसके बाद सेव कर दे जिससे वह File save हो जायेगी। जिससे आपकी Theme परिवर्ति‍त हो जायेगी।

 

आपको theme लगाने से पहले उस theme बारे में जानना अति आवश्‍यक है। की इस theme में क्या क्या features theme में available है Fast loading हो रही है या नहीं, mobile friendly है या नहीं, तथा responsive है या नहीं, theme का design कैसा है अच्छा है या नहीं, theme में कोई structured data error तो नहीं है यदि है तो उसे हटा दे या उस theme को छोड दे| ये सभी जानकारियां आपको theme लगाने से पहले देखना आवश्‍यक है|

Blogger या अन्‍य किसी भी platform पर ब्लॉग या बेबसाइट बनाना और theme upload करने के बाद widget setting करना होता है| Widget का मतलब होता है की आप अपने ब्लॉग पर क्या क्या दिखाना चाहते हैं जो भी आप दिखाना चाहते है जैसे की Popular पोस्ट, Facebook page आदि तो उसे भी आप अपने हिसाब से सेट कर सकते है।

 

यदि आप Theme का अपने अनुसार widget set करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको blogger के Layout tab में जाकर setting करना होता है|

Theme का अपने अनुसार widget set करने के बाद आपको अपने ब्‍लॉग या बेबसाइट का साइट मैप जनरेट करना होता है sitemap जनरेट करने के लिए आपको Google Webmaster Tool में login करना होगा इसके पश्‍चात अपने Blog website को Google Webmaster Tool में submit कराना होगा। Google Webmaster Tool में submit करने पर आपको एक verify कोड प्राप्‍त होगा जिसे आप अपने ब्‍लॉग की theme में जाकर <head> tag के निचे add करना होगा। इसके बाद आप सेव करेगें। सेव करने के पश्‍चात आप पुन: Google Webmaster Tool में जाकर verify करना है।

Blog banane ke baad Next स्टेप Google search Console में अपने ब्लॉग या website का sitemap सबमिट करना: Google Search console एक Google का ही tool है जो की हमे हमारे ब्लॉग या website को मैनेज करने की facility प्रदान करता है यह गूगल की ही service है| Google Search console आप ये जान सकते हैं की आपके ब्लॉग या website के कितने पोस्ट search engine में index हो गई है और कितना error पेज है| यह facility केवल और केवल Google Search console ही प्रदान करता है।

 

 

Google Analytics

 

Google Analytics भी Google का ही एक tool है जिसमे हम अपने ब्लॉग पर आने वाले सभी live visitors के बारे में जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं तथा हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जैसे की Visitors का लोकेशन क्या है, Visitors किस device का use कर रहा है, Visitors किस प्रकार से हमारे ब्लॉग पर आया है इन सभी प्रकार की जानकाकारियॉ हमें Google Analytics tool के माध्‍यम से पता चलता है Google Analytics tool मे website को करने के पश्‍चात Google Analytics कोड प्राप्‍त होगा जिसे ब्‍लागर पर जाकर सेटिंग में Google Analytics में डाल्‍ना होगा जिससे आपके सभी पोस्‍ट के बारे में सरलता से पता चल जायेगा।

 

Google Analytics tool ब्लॉग या वेबसाइट में add करना बेहद आवश्‍यक है क्योंकि यह tool SEO का एक भाग है जिससे आपके ब्लॉग का SEO score बढ़ता है तथा Google और other search engine आपके ब्लॉग को जल्द से जल्‍द index करते हैं| जिससे आपके पोस्‍ट में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगो की आने की संभावना होती है जब ज्‍यादा मात्रा में लोग आपके पोस्‍ट को पढेगे तो आपके पोस्‍ट Google के पहले पेज मे आने लगेगी जिससे आपको अधिक से अधिक लाभ होगा।

 

blogger setting  में इनसभी सेटिंगों के साथ-साथ ब्‍लॉग को search engine  से जोडने की आवश्‍यता होती है इसके लिए ब्लॉग को search engine में submit करना होता है| जब हम अपने blog या बेबसाइट को Search engine में submit करते हैं जिससे ब्लॉग जल्दी से search engine जैसे की Google, Bing में index होता है| यदि हम submit नहीं करते है तो भी index होगा लेकिन इसमे समय ज्‍यादा लगता है इसके बाद index होता है| index का मतलब होता है आपकी ब्‍लॉग बेबसाइट सभी engine में तुरंत दिखाई लेने लगते है जिससे आपके ब्‍लॉग या बेबसाइट पर अधिक से अधिक लोग जल्‍द से जल्‍द आने लगते हैं।

 

आपको एक successful blogger बनने के लिए आपके ब्लॉग बेबसाइट पर search engine से traffic या यूजर आना बहुत ही आवश्‍यक है क्योंकि Social media से आप जितने ज्यादा दिन तक traffic नहीं ला सकते हैं उतने दिन तक नहीं लाना चाहिए क्‍यों कि search engine से traffic आएगा तो आपका ब्‍लॉग को गूगल और अधिक से अधिक search  मे लायेगा जिससे आपका ब्‍लॉग गूगल के पहले पेज मे दिखाई देने लगेगा जिससे आपके ब्‍लॉगपर  ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगा आने लगेंगे।

दुनिया के सभी वेबसाइट में कुछ page add होते हैं जो की उस ब्लॉग या वेबसाइट के बारे में बताते हैं और यदि हमें एक बेहतर ब्लॉग या वेबसाइट create करना हो तो उसके लिए हमारे ब्लॉग में कुछ important page add होना जरुरी है जैसे की About Us, Contact Us, Privacy Policy इत्यादि|

 

Blogger प्लेटफार्म पर page create करना बहुत ही सरल है इसके लिए आपको Blogger Dashboard के Left Side में Page Tab पर क्लिक करना होगा और इसके पश्‍चात Add New Page पर click करने पर आपको text area show होगा जहाँ पर आप अपने ब्‍लाग के बारे में लिख कर publish कर सकते हैं| blog के लिए पेज बना अनिवार्य होता है जिससे यूजर आपके बारे मे जान सके तथा लोगो का विश्‍वास बना रहे।

 

Description का हिंदी meaning “विवरणहोता है यानि की किसी भी चीज के बारे में| जब आप Google या किसी और भी search engine में कुछ search करते होंगे तो आपको heading के बाद कुछ टेस्‍ट लिखा हुआ मिलता है उसे Description  कहा जाता है जिस प्रकार आप अपने ब्‍लॉग पर कोई पोस्‍ट लिख रहे है और उस पोस्‍ट के Description  में आप अपने पोस्‍ट के बारे मे दो या तीन लाइन लिखते है जिससे लोगो को पता चलता है कि उस पोस्‍ट मे क्‍या बताया गया है। Description  को देख कर ही लगभग 90 प्रतिशत लोग उस पोस्‍ट को खोलते है और उसे पढते है यदि Description  नहीं लिखा होता है तो गूगल आपकी पोस्‍ट को कभी भी रैंक नही करने देगा।

 

search description enable

आपको अपने Blogger setting मे जाकर search description enable करना होता है जिससे आपके blog website  की सभी पोस्ट में search description enable हो सके। search description enable  होने के बाद आप अपने सभी पोस्‍ट में search description लिख सकेत है। search description  में आपको अपने पोस्‍ट के बारे में बताना होता है search description मे लिखा हुआ शब्‍द ही Google के homepage पर दिखाई देता है। जिससे आपके blog website पर आने वाले सभी पाठको को यह पता चलता है कि आप की पोस्‍ट में क्‍या बताया गया है यदि पाठको को उसी के बारे में जानकारी चाहिए तो वह आपके blog website में जाना पसंद करेगा। search description में वे शब्‍द ही डाले जिससे लोगों को पता चले की वह कितना पावरफुल पोस्‍ट है जिससे लोग दोबारा आपकी पोस्‍ट को पढने के लिए पुन: आपके blog website मे आना चाहे।

 

Conclusion and Final Words

जब कोई भी नया user ब्लॉग website बनाता है तो उसे blog Setting के बारे में पता नहीं होता है की ब्लॉग मे कौन सी setting करनी है या नहीं करनी है जिसके कारण वह दुसरे blogger से मदद मांगता है लेकिन कुछ ही blogger ऐसे होते हैं जो की दुसरे नए blogger की मदद करते हैं| लेकिन इस पोस्ट को पढने के बाद आप अपने blog या website  की सभी setting स्‍वयं कर सकते हैं| अब आपको blogger पर blog या website  की सेटिंग के लिए किसी और की आवश्‍यकता नहीं होगी।


टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां